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सेवाएँ
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तन और मन दोनों को ही स्वस्थ रखता है योग
ललितपुर- स्वयं स्वस्थ बनो अभियान के तहत जैन मिलन शाखा
सिविल लाइन्स ललितपुर द्वारा क् दिवसीय शिविर का आयोजन किया
गया, जिसमें शिविर केञ् संयोजक संतोष वत्सल एड. अनिल अलया,
एड. एवं विजय जैन एड. द्वारा डॉ. गीता जैन एवं दीपक जानी
योग प्रशिक्षिक को आमंत्रित कर उसके द्वारा प्रत्येक
व्यक्ति के जीवन में योग के महत्व एवं उसके लाभ बताये।
स्वयं स्वस्थ बनो अभियान हेतू डॉ. गीता जैन का संकल्प
है तथा इसी अभियान के तहत वह निस्वार्थ भावना से जनसेवा कर,
मानव जीवन की इस भागमभाग वाली जिन्दगी से मानव को तनाव
मुक्त कर रही हैं। वर्तमान में योग मानव जीवन का आवश्यक
अंग हो गया है तथा योग करने वाले ही वर्तमान दूषित वातावरण
में अधिक स्वस्थ रह सकते हैं।
- डॉ. गीता जैन मुम्बई
लघुकथा :
मानसिकता
उसने एक बार फिर फोन रिसीव किया। इस बार भी किसी लड़की ने
उसके बेटे को फोन किया था। इससे पहले भी दो-तीन बार लड़कियों
के फोन आये थे और उन्होंने उसके बेटे अंकित के बारे में
पूछा था। जब उनका बेटा अंकित शाम को घर लौटा तो उसने कहा
कि बेटे आजकल तेरे बहुत फोन आते हैं और सबके सब कॉलेज की
लड़कियों के होते हैं।
बेटे ने उत्तर दिया- आखिर बेटा किसका हूं? इसी बात की तो
पूरे कॉलेज में धूम हैं।
'बेटे कैसी धूम? उसने अपने बेटे से कहा।
तो बेटे ने उत्तर दिया कि 'कॉलेज की अधिकतर लड़कियां उसके आगे पीछे फिरती हैं।' उसने कहा-' बेटे ! मैं सोच रही थी कि
कहीं तेरी तरह तेरी बहन के नाम के फोन घर पर आने लगे
तो.......?'
'है किसी में इतनी
हिम्मत, जो मेरी बहन को फोन करे। यह कहकर
वह घर से निकल गया।' और वह अपने बेटे की मानसिकता को देखती
रह गई।
-सुनील कु्मार चौहान 'संघर्ष'
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धर्म
भूल कर भी तू किसी के शांत मन को ना दुखा,
कोई पीड़ा दे तो उसको सहन कर और दे दुआ।
सत्य का हो रास्ता, और नाम का ही ध्यान हो,
फिर भी कर तू शुक्र उसका, उस प्रभु के गीत गा॥
-पाठक |
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बुद्धि तो केवल क्रिया का चेतनाहीन अंग है। भावना का संयोग
होने पर ही उस अंग में गति आती है और वह कार्य करने लगता
है।
-स्वामी विवेकानन्द |
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